
यह मोंटे वेरोनेज़ डोप इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह स्कलीजर की पहाड़ियों से नहीं, बल्कि इसलिए कि यह दो "मोंटे" से आता है, यानी शाम और अगले सुबह के दूध निकालने से। यह कच्चे गाय के दूध से बनाया जाता है और इसकी उम्र 25 से 60 दिनों के बीच होती है। इसकी छाल लचीली है और इसका पेस्टल रंग हल्का पीला है जिसमें छोटे आकार के छिद्र हैं। इसका स्वाद नरम और सुखद है। यह ताजे दूध की खुशबू देता है और गर्मियों के मौसम में विशेष रूप से सुगंधित होता है।
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यह मोंटे वेरोनेज़ डोप इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह स्कलीजर की पहाड़ियों से नहीं, बल्कि इसलिए कि यह दो "मोंटे" से आता है, यानी शाम और अगले सुबह के दूध निकालने से। यह कच्चे गाय के दूध से बनाया जाता है और इसकी उम्र 25 से 60 दिनों के बीच होती है। इसकी छाल लचीली है और इसका पेस्टल रंग हल्का पीला है जिसमें छोटे आकार के छिद्र हैं। इसका स्वाद नरम और सुखद है। यह ताजे दूध की खुशबू देता है और गर्मियों के मौसम में विशेष रूप से सुगंधित होता है।